Saturday, June 28, 2014

गुजारिश है मेरी - अनुलता राज नय्यर

गुजारिश है मेरी
खुशी से,
कि मिला कर मुझे कभी
ऐसे ही,
बिना कोई सौदा किये
बिना किसी शर्त के...
जैसे
आ बैठती है
तितली
किसी फूल पर
बस
यूँ ही .............

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